अनेयस्त्ववमानी यो दुरात्मा पापपूरुष: | दिष्टमुत्सूज्य कल्याणं करोति बहुपापकम्,परंतु जिसे सन्मार्गपर नहीं ले जाया जा सकता, जो दूसरोंकी अवहेलना करनेवाला है तथा जिसका अन्तःकरण दूषित है, यह पापात्मा पुरुष बताये हुए कल्याणकारी पथको छोड़कर बहुत-से पापकर्म करने लगता है
ଯାହାକୁ ସନ୍ମାର୍ଗରେ ଆଣିହେବ ନାହିଁ, ଯେ ଅନ୍ୟମାନଙ୍କୁ ଅବମାନ କରେ ଏବଂ ଯାହାର ଅନ୍ତଃକରଣ ଦୂଷିତ—ସେ ପାପାତ୍ମା ପୁରୁଷ ନିର୍ଦ୍ଦିଷ୍ଟ କଲ୍ୟାଣମାର୍ଗକୁ ଛାଡ଼ି ଅନେକ ପାପକର୍ମ କରିବାକୁ ଲାଗେ।
कृप उवाच