Rudra’s Omitted Share in the Yajña (रुद्रभागानुपपत्तिः — यज्ञोपाख्यानम्)
इस प्रकार श्रीमह्याभारत सौप्तिकपर्वके अन्तर्गत ऐषीकपर्वमें युधिष्ठिर और श्रीकृष्णका संवादविषयक सत्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ,उस समय कुपित हुए त्रिनेत्रधारी भगवान् शिवने अपने धनुषकी कोटिसे सविताकी दोनों बाँहें काट डालीं, भगकी आँखें फोड़ दीं और पूषाके सारे दाँत तोड़ डाले ।।
ତାପରେ ସମସ୍ତ ଦେବତା ଏବଂ ଯଜ୍ଞର ସମସ୍ତ ଅଙ୍ଗ ସେଠାରୁ ସବୁଦିଗକୁ ପଳାଇଗଲେ। କେହି କେହି ସେଠାରେଇ ଘୂରିଘୂରି ପ୍ରାଣହୀନ ପରି ହୋଇପଡ଼ିଲେ।
वैशम्पायन उवाच