युधामन्युः प्रद्रुतं चित्रसेन॑ सहानीक स्त्वभ्ययादू राजपुत्र: | विव्याध चैनं निशितै: पृषत्कै- व्यपेतभी: सप्तभिराशुमुक्तै:,चित्रसेनको भागते देख राजकुमार युधामन्युने अपनी सेनाके साथ उसका पीछा किया और निर्भय होकर शीघ्र छोड़े हुए सात पैने बाणोंद्वारा उसे घायल कर दिया
ଚିତ୍ରସେନ ପଳାଉଥିବା ଦେଖି ରାଜପୁତ୍ର ଯୁଧାମନ୍ୟୁ ନିଜ ସେନା ସହିତ ତାହାକୁ ଧାଉଁଥିଲେ। ନିର୍ଭୟ ହୋଇ ଶୀଘ୍ର ଛାଡ଼ା ହୋଇଥିବା ସାତଟି ତୀକ୍ଷ୍ଣ ବାଣରେ ସେ ତାକୁ ଆଘାତ କଲେ।
संजय उवाच