अर्जुनकर्णयोर्युद्धवर्णनम्
Description of the Arjuna–Karṇa Engagement and Counsel to Duryodhana
भीमसेन उवाच त्वमेव जानीहि महानुभाव राज्ञ: प्रवृत्ति भरतर्षभस्य । अहं हि यद्यर्जुन याम्यमित्रा वदन्ति मां भीत इति प्रवीरा:,भीमसेनने कहा--महानुभाव! तुम्हीं जाकर भरतकुलभूषण नरेशका समाचार जानो। अर्जुन! यदि मैं यहाँसे जाऊँगा तो मेरे वीर शत्रु मुझे डरपोक कहेंगे
ଭୀମସେନ କହିଲେ—ମହାନୁଭାବ! ଭରତଶ୍ରେଷ୍ଠ ନରେଶଙ୍କ ସମ୍ବାଦ ତୁମେ ନିଜେ ଯାଇ ଜାଣ। ଅର୍ଜୁନ! ମୁଁ ଯଦି ଏଠାରୁ ଯାଏ, ତେବେ ମୋର ବୀର ଶତ୍ରୁମାନେ କହିବେ—‘ଭୟରେ ପଳାଇଲା’।
भीमसेन उवाच