कर्णार्जुनसमागमः — The Karṇa–Arjuna Confrontation
Cosmic Spectatorship and Vows
महाराज! ऐसा कहकर प्रतापी वीर सूतपुत्र कर्णने अपने विजय नामक श्रेष्ठ एवं पुरातन धनुषको लेकर उसपर प्रत्यंचा चढ़ायी; फिर उसे बारंबार हाथमें लेकर सत्यकी शपथ दिलाते हुए समस्त योद्धाओंको रोका। इसके बाद अमेय आत्मबलसे सम्पन्न उस महाबली वीरने भार्गवास्त्रका प्रयोग किया ।। ततो राजन् सहस्राणि प्रयुतान्यर्बुदानि च । कोटिश श्व शरास्तीक्ष्णा निरगच्छन् महामृथे
tato rājan sahasrāṇi prayutāny arbudāni ca | koṭiśaś ca śarās tīkṣṇā niragacchan mahāmṛdhe ||
ତେବେ ରାଜନ୍, ସେହି ମହାଯୁଦ୍ଧରେ ସହସ୍ର, ପ୍ରୟୁତ, ଅର୍ବୁଦ ଏବଂ କୋଟିକୋଟି ତୀକ୍ଷ୍ଣ ବାଣ ମହାସମରେ ପ୍ରଚଣ୍ଡ ବେଗରେ ନିର୍ଗତ ହେଲା।
संजय उवाच