शैनेयचरितम्
The Exploits of Śaineya/Sātyaki amid Encirclement
समेत्य तु महासेने चक्रतुर्वेगमुत्तमम् । जाह्नवीयमुने नद्यौ प्रावषीवोल्बणोदके,वे दोनों विशाल सेनाएँ परस्पर भिड़कर विजयके लिये बड़े वेगसे आगे बढ़नेका प्रयत्न करने लगीं; मानो वर्षा-ऋतुमें जलकी बाढ़ आनेसे बड़ी हुई गंगा और यमुना दोनों नदियाँ बड़े वेगसे मिल रही हों
ସଞ୍ଜୟ କହିଲେ—ସେଇ ଦୁଇ ମହାସେନା ପରସ୍ପର ମୁହାଁମୁହିଁ ହୋଇ, ବିଜୟ ପାଇଁ ଅତ୍ୟଧିକ ବେଗରେ ଆଗକୁ ବଢ଼ିବାକୁ ଲାଗିଲେ; ଯେନେ ବର୍ଷାକାଳରେ ପ୍ରଚଣ୍ଡ ଜଳରେ ଫୁଲିଉଠିଥିବା ଗଙ୍ଗା ଓ ଯମୁନା ନଦୀ ଦୁଇଟି ବେଗରେ ମିଶୁଛି।
संजय उवाच