शिवेनाभिवदामि त्वां गच्छ युध्यस्व शत्रुभि: | अनुशाधि कुरून् संख्ये धत्स्व दुर्योधने जयम्,“मैं तुम्हारा कल्याणचिन्तन करते हुए तुम्हें आशीर्वाद देता हूँ, जाओ, शत्रुओंके साथ युद्ध करो। रणक्षेत्रमें कौरव सैनिकोंको कर्तव्यका आदेश दो और दुर्योधनको विजय प्राप्त कराओ
ମୁଁ ତୁମର କଲ୍ୟାଣ କାମନା କରି ତୁମକୁ ଆଶୀର୍ବାଦ କରୁଛି—ଯାଅ, ଶତ୍ରୁମାନଙ୍କ ସହ ଯୁଦ୍ଧ କର। ରଣକ୍ଷେତ୍ରରେ କୌରବମାନଙ୍କୁ କର୍ତ୍ତବ୍ୟର ଆଦେଶ ଦେଇ ଦୁର୍ଯ୍ୟୋଧନଙ୍କୁ ବିଜୟ ଦିଅ।
संजय उवाच