अभिमन्युना दुःशासनस्य ताडनम्
Abhimanyu’s Rebuke and Wounding of Duḥśāsana; Karṇa’s Counter-volley
अथ पणवमृदड्डदुन्दुभीनां क्रकचमहानकभेरिझर्झराणाम् । निनदमतिभूृशं नराः प्रचक्रु- लवणजलोद्धवर्सिहनादमिश्रम्,उस समय बाजे बजानेवाले लोग ढोल, मृदंग, दुन्दुभि, क्रकच, बड़ी ढोल, भेरी और झाँझके अत्यन्त भयंकर शब्द करने लगे। उसमें शंख और सिंहनादकी भी ध्वनि मिली हुई थी
ସେତେବେଳେ ବାଦକମାନେ ପଣବ, ମୃଦଙ୍ଗ, ଦୁନ୍ଦୁଭି, କ୍ରକଚ, ମହାନକ, ଭେରୀ ଓ ଝାଞ୍ଜର ଅତ୍ୟନ୍ତ ଭୟଙ୍କର ନିନାଦ କଲେ; ସେଥିରେ ଶଙ୍ଖଧ୍ୱନି ଓ ସିଂହନାଦ ମଧ୍ୟ ମିଶିଥିଲା।
संजय उवाच