सहदेव-राधेय-संग्रामः; शल्य-प्रभावः; अलम्बुस-निवर्तनम्
Sahadeva and Karṇa; Śalya’s pressure; Alambusa’s interception
अमर्षपूर्णस्त्वनिवृत्तयोधी शरासनी काज्चनवर्मधारी । अलम्बुष: सात्यकिं माधवाग्रय- मवारयद् राजवरो5भिपत्य,उस समय सोनेका कवच और धनुष धारण किये, युद्धसे कभी पीठ न दिखानेवाले, राजाओंमें श्रेष्ठ अलम्बुषने अमर्षमें भरकर मधुकुलके महान् वीर सात्यकिको सहसा सामने आकर रोका
ସେତେବେଳେ ସୁବର୍ଣ୍ଣ କବଚ ଓ ଧନୁ ଧାରଣ କରି, ଯୁଦ୍ଧରେ କେବେ ପିଠ ନ ଦେଖାଉଥିବା ରାଜଶ୍ରେଷ୍ଠ ଅଲମ୍ବୁଷ କ୍ରୋଧରେ ପୂର୍ଣ୍ଣ ହୋଇ ମଧୁକୁଳର ମହାବୀର ସାତ୍ୟକିଙ୍କୁ ହଠାତ୍ ସମ୍ମୁଖେ ଆସି ଅଟକାଇଲା।
संजय उवाच