Droṇa’s Resolve to Restrain Yudhiṣṭhira and Arjuna’s Protective Vow (द्रोणस्य युधिष्ठिरनिग्रह-प्रयत्नः)
पाण्डवेयेषु सापेक्ष द्रोणं जानाति ते सुतः । ततः प्रतिज्ञास्थैर्यार्थ स मन्त्रो बहुलीकृतः,आपका पुत्र दुर्योधन यह जानता था कि द्रोणाचार्य पाण्डवोंके प्रति पक्षपात रखते हैं, अतः उसने उनकी प्रतिज्ञाको स्थिर रखनेके लिये उस गुप्त बातको भी बहुत लोगोंमें फैला दिया
ତୁମ ପୁଅ ଜାଣୁଥିଲା ଯେ ଦ୍ରୋଣ ପାଣ୍ଡବମାନଙ୍କ ପ୍ରତି ସାପେକ୍ଷ (ପକ୍ଷପାତୀ) ଅଟନ୍ତି; ତେଣୁ ତାଙ୍କ ପ୍ରତିଜ୍ଞା ଦୃଢ଼ ରହିବା ପାଇଁ ସେ ସେଇ ଗୁପ୍ତ କଥାକୁ ମଧ୍ୟ ଅନେକଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ପ୍ରଚାର କରିଦେଲା।
संजय उवाच