Droṇa’s Conditional Boon: The Plan to Capture Yudhiṣṭhira (द्रोणेन युधिष्ठिरग्रहणोपायः)
दानवं घोरकर्माणं गवां मृत्युमिवोत्थितम् । वृषरूपधरं बाल्ये भुजाभ्यां निजघान ह,इसी प्रकार एक भयंकर कर्म करनेवाला दानव वहाँ बैलका रूप धारण करके रहता था, जो गौओंके लिये मृत्युके समान प्रकट हुआ था। उसे भी श्रीकृष्णने बाल्यावस्थामें अपने हाथोंसे ही मार डाला
ଏହିପରି ଏକ ଭୟଙ୍କର କର୍ମକାରୀ ଦାନବ ଗୋମାତାମାନଙ୍କ ପାଇଁ ମୃତ୍ୟୁ ସଦୃଶ ହୋଇ ଉଠିଥିଲା; ସେ ବୃଷଭରୂପ ଧାରଣ କରି ରହୁଥିଲା। ଶ୍ରୀକୃଷ୍ଣ ତାହାକୁ ମଧ୍ୟ ଶୈଶବରେ ନିଜ ଭୁଜବଳରେ ବଧ କଲେ।
वैशम्पायन उवाच