भीष्म-युधिष्ठिर-संमर्दः
Bhīṣma’s Pressure on Yudhiṣṭhira; Śikhaṇḍī’s Approach; Evening Withdrawal
अपन करा बछ। रस एकोनाशीतितमो< ध्याय: भीमसेनके द्वारा दुर्योधनकी पराजय, अभिमन्यु और द्रौपदीपुत्रोंका धृतराष्ट्रपुत्रोंके साथ युद्ध तथा छठे दिनके युद्धकी समाप्ति संजय उवाच ततो दुर्योधनो राजा लोहितायति भास्करे । संग्रामरभसो भीम॑ हन्तुकामो5भ्यधावत,संजय कहते हैं--महाराज! तदनन्तर जब सूर्यदेवपर संध्याकी लाली छाने लगी, उस समय संग्रामके लिये उत्साह रखनेवाले राजा दुर्योधनने भीमसेनको मार डालनेकी इच्छासे उनपर धावा किया
sañjaya uvāca | tato duryodhano rājā lohitāyati bhāskare | saṅgrāmarabhaso bhīmaṃ hantukāmo 'bhyadhāvat ||
ସଞ୍ଜୟ କହିଲେ—ମହାରାଜ! ତାପରେ ସୂର୍ଯ୍ୟ ସନ୍ଧ୍ୟାର ଲାଲିମାରେ ରକ୍ତିମ ହେଉଥିବାବେଳେ, ସଙ୍ଗ୍ରାମୋତ୍ସାହରେ ଉଦ୍ଦୀପ୍ତ ରାଜା ଦୁର୍ଯ୍ୟୋଧନ ଭୀମକୁ ବଧ କରିବା ଇଚ୍ଛାରେ ତାଙ୍କ ଉପରେ ଧାଇଲେ।
संजय उवाच