भीष्मस्य भीमसेन-निरोधः
Bhīṣma checks Bhīmasena; matched engagements intensify
त्रयाणामपि लोकानां पर्याप्ता इति मे मति: । पाण्डवानां समस्ताश्न नातिष्ठन्त पराक्रमे,मेरा तो ऐसा विश्वास है कि आप सब लोग मिल जायाँ तो तीनों लोकोंपर भी विजय पानेमें समर्थ हो सकते हैं, परंतु पाण्डवोंके पराक्रमके सामने आप सब लोग टिक नहीं पाते हैं। इसका क्या कारण है?
ମୋ ମତରେ ଆପଣମାନେ ସମସ୍ତେ ଏକତ୍ର ହେଲେ ତିନି ଲୋକକୁ ମଧ୍ୟ ଜୟ କରିବାକୁ ସମର୍ଥ; ତଥାପି ପାଣ୍ଡବମାନଙ୍କ ପରାକ୍ରମ ସମ୍ମୁଖରେ ଆପଣମାନେ ଟିକି ପାରୁନାହାନ୍ତି। ଏହାର କାରଣ କ’ଣ? କୃପାକରି କହନ୍ତୁ।
दुर्योधन उवाच