Viśvarūpa-darśana (The Vision of the Universal Form) — महायोगेश्वरस्य विश्वरूपदर्शनम्
सम्बन्ध--इस प्रकार समस्त कमोंको आपके अर्पण करनेसे कया होगा; इस जिज्ञासापर कहते हैं-- शुभाशुभफलैरेवं मोक्ष्यसे कर्मबन्धनै: । संन्यासयोगयुक्तात्माः विमुक्तो मामुपैष्यसि,इस प्रकार, जिसमें समस्त कर्म मुझ भगवानके अर्पण होते हैं--ऐसे संन्यासयोगसे युक्त चित्तवाला तू शुभाशुभ फलरूप कर्मान्धनसे मुक्त हो जायगा और उनसे मुक्त होकर मुझको ही प्राप्त होगाः
śubhāśubhaphalair evaṁ mokṣyase karmabandhanaiḥ | saṁnyāsayogayuktātmā vimukto mām upaiṣyasi ||
ଏଭଳି ସମସ୍ତ କର୍ମ ମୋତେ ଅର୍ପଣ କଲେ, ଶୁଭ-ଅଶୁଭ ଫଳରୂପ କର୍ମବନ୍ଧନରୁ ତୁମେ ମୁକ୍ତ ହେବ। ସନ୍ନ୍ୟାସଯୋଗରେ ଯୁକ୍ତ ଚିତ୍ତ ରଖି, ବିମୁକ୍ତ ହୋଇ ତୁମେ ମୋତେ ହିଁ ପ୍ରାପ୍ତ କରିବ।
अजुन उवाच