Vyāsa’s Inquiry into Dhṛtarāṣṭra’s Tapas and the Identification of Vidura with Dharma
गम्यतां पुत्र मैवं त्वं वोच: कुरु वचो मम । आगमा व: शिवा: सन््तु स्वस्था भवत पुत्रका:,यह सुनकर कुन्तीने महाबाहु सहदेवको छातीसे लगा लिया और कहा--“बेटा! ऐसा न कहो। तुम मेरी बात मानो और चले जाओ पुत्रो! तुम्हारे मार्ग कल्याणकारी हों और तुम सदा स्वस्थ रहो
gamyatāṁ putra maivaṁ tvaṁ vocaḥ kuru vaco mama | āgamā vaḥ śivāḥ santu svasthā bhavata putrakāḥ ||
ବୈଶମ୍ପାୟନ କହିଲେ—“ପୁତ୍ର, ଯାଅ; ଏମିତି କହନି। ମୋ କଥା ମାନ। ତୁମ ଯାତ୍ରା ମଙ୍ଗଳମୟ ହେଉ; ପିଲାମାନେ, ତୁମେ ସଦା କ୍ଷେମ ଓ ସୁସ୍ଥ ରୁହ।”
वैशम्पायन उवाच