Duḥṣantasya Vana-praveśaḥ
King Duḥṣanta’s Entry into the Forest Hunt
कृष्णद्वैपायनाज्जज्ञे धृतराष्ट्रो जनेश्वर: । क्षेत्रे विचित्रवीर्यस्य पाण्डुश्वैव महाबल:,राजा विचित्रवीर्यकी क्षेत्रभूता अम्बिका और अम्बालिकाके गर्भसे कृष्णद्वैपायन व्यासद्वारा राजा धृतराष्ट्र और महाबली पाण्डुका जन्म हुआ। द्वैपायन व्याससे ही शूद्रजातीय स्त्रीके गर्भसे विदुरजीका भी जन्म हुआ था। वे धर्म और अर्थके ज्ञानमें निपुण, बुद्धिमान, मेधावी और निष्पाप थे। पाण्डुसे दो स्त्रियोंके द्वारा पृथक्-पृथक् पाँच पुत्र उत्पन्न हुए, जो सब-के-सब देवताओंके समान थे। उन सबमें बड़े युधिष्ठिर थे। वे उत्तम गुणोंमें भी सबसे बढ़-चढ़कर थे
kṛṣṇadvaipāyanāj jajñe dhṛtarāṣṭro janeśvaraḥ | kṣetre vicitravīryasya pāṇḍuś caiva mahābalaḥ ||
କୃଷ୍ଣଦ୍ୱୈପାୟନ (ବ୍ୟାସ) ଠାରୁ ଧୃତରାଷ୍ଟ୍ର—ମନୁଷ୍ୟମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଅଧିପତି—ଜନ୍ମ ନେଲେ। ଏବଂ ବିଚିତ୍ରବୀର୍ୟଙ୍କ କ୍ଷେତ୍ରଭୂତା (ପତ୍ନୀ) ଠାରୁ ମହାବଳୀ ପାଣ୍ଡୁ ମଧ୍ୟ ଜନ୍ମ ନେଲେ।
दाश उवाच