Śārṅgakānāṃ Avināśaḥ (Why the Śārṅga Birds Were Spared) | शार्ङ्गकानामविनाशः
व्यचरद् यमुनातीरे मृगयां स महायशा: । मृगान् विध्यन् वराहांश्व रेमे सार्थ किरीटिना,महायशस्वी श्रीकृष्ण अर्जुनके साथ शिकार खेलते और जंगली वराहों तथा हिंख्र पशुओंका वध करते हुए यमुनाजीके तटपर विचरते थे। इस प्रकार वे किरीटधारी अर्जुनके साथ विहार करते थे
ମହାଯଶସ୍ବୀ ଶ୍ରୀକୃଷ୍ଣ କିରୀଟଧାରୀ ଅର୍ଜୁନ ସହ ଯମୁନାତୀରେ ବିଚରଣ କରୁଥିଲେ; ମୃଗୟା-କ୍ରୀଡାରେ ରମି ମୃଗ ଓ ବନ୍ୟ ବରାହମାନଙ୍କୁ ବାଣରେ ବିଦ୍ଧ କରି ବିହାର କରୁଥିଲେ।
वैशम्पायन उवाच