धृष्टद्युम्नेन समागतक्षत्रियगणगणना
Dhṛṣṭadyumna’s Enumeration of Assembled Kṣatriyas
स हि द्वादश वर्षाणि वासिष्ठस्यैव तेजसा । ग्रस्त आसीद् ग्रहेणेव पर्वकाले दिवाकर:,जैसे पर्वकालमें सूर्य राहुद्वारा ग्रस्त हो जाता है, उसी प्रकार राजा कल्माषपाद बारह वर्षोतक वसिष्ठजीके पुत्र शक्तिके ही तेज (शापके प्रभाव)-से ग्रस्त रहे
sa hi dvādaśa varṣāṇi vāsiṣṭhasyaiva tejasā | grasta āsīd graheṇeva parvakāle divākaraḥ ||
ଯେପରି ଗ୍ରହଣକାଳରେ ସୂର୍ଯ୍ୟ ରାହୁଦ୍ୱାରା ଗ୍ରସ୍ତ ହୁଏ, ସେପରି ବସିଷ୍ଠବଂଶର ତେଜ (ଶାପ-ପ୍ରଭାବ) ଦ୍ୱାରା ରାଜା କଲ୍ମାଷପାଦ ଦ୍ୱାଦଶ ବର୍ଷ ଗ୍ରସ୍ତ ରହିଲେ।
गन्धर्व उवाच