तापती–संवरणोपाख्यानम्
The Tapatī–Saṃvaraṇa Episode: Meaning of “Tāpatya”
एतदर्हा वयं नूनं वसामो दुर्बलस्य ये । विषये नित्यवास्तव्या: कुराजानमुपाश्रिता:,निश्चय ही हमलोग ऐसा ही दुःख भोगनेके योग्य हैं; क्योंकि इस दुर्बल राजाके राज्यमें निवास करते हैं, यहाँके नित्य निवासी हो गये हैं और इस दुष्ट राजाके आश्रयमें रहते हैं
etad-arhā vayaṁ nūnaṁ vasāmo durbalasya ye | viṣaye nitya-vāstavyaḥ kurājānam upāśritāḥ ||
ନିଶ୍ଚୟ ଆମେ ଏହି ଦୁଃଖର ଯୋଗ୍ୟ; କାରଣ ଆମେ ଦୁର୍ବଳ ରାଜାଙ୍କ ରାଜ୍ୟରେ ବସୁଛୁ, ଏଠାର ନିତ୍ୟବାସୀ ହୋଇପଡ଼ିଛୁ, ଏବଂ ଏହି କୁରାଜାଙ୍କ ଆଶ୍ରୟରେ ଜୀବନ ଧାରଣ କରୁଛୁ।
ब्राह्मण उवाच