कुन्ती-युधिष्ठिर-संवादः — Kuntī’s Counsel on Departing for Pāñcāla
यक्ष्यन्ति च नरव्याप्रा निर्जित्य पृथिवीमिमाम् । राजसूयाश्चमेधाद्यै: क्रतुभिर्भूरिदक्षिणै:,पुरुषोंमें सिंहके समान बलवान पाण्डव इस पृथ्वीको जीतकर प्रचुर दक्षिणासे सम्पन्न राजसूय तथा अश्वमेध आदि यज्ञोंद्वारा भगवान्का यजन करेंगे
yakṣyanti ca naravyāprā nirjitya pṛthivīm imām | rājasūyāś ca medhādyaiḥ kratubhir bhūridakṣiṇaiḥ ||
ନରବ୍ୟାଘ୍ର ସଦୃଶ ପରାକ୍ରମୀ ପାଣ୍ଡବମାନେ ଏହି ପୃଥିବୀକୁ ଜୟ କରି, ପ୍ରଚୁର ଦକ୍ଷିଣାସହିତ ରାଜସୂୟ, ଅଶ୍ୱମେଧ ଆଦି ମହାକ୍ରତୁଦ୍ୱାରା ଭଗବାନଙ୍କୁ ଯଜିବେ।
व्यास उवाच