Hiḍimba’s Approach and Hiḍimbā’s Warning to Bhīmasena (हिडिम्बागमनम् / हिडिम्बा-भयवचनम्)
नविश्वसेदविश्वस्ते विश्वस्ते नातिविश्वसेत् । विश्वासाद् भयमुत्पन्नं मूलान्यपि निकृन्तति,जो विश्वासपात्र नहीं है, उसपर कभी विश्वास न करे; परंतु जो विश्वासपात्र है, उसपर भी अति विश्वास न करे; क्योंकि अति विश्वाससे उत्पन्न होनेवाला भय राजाकी जड़मूलका भी नाश कर डालता है
na viśvased aviśvaste viśvaste nātiviśvaset | viśvāsād bhayam utpannaṃ mūlāny api nikṛntati ||
କାଣିକ କହିଲେ—ଯେ ଭରସାଯୋଗ୍ୟ ନୁହେଁ, ତା’ପରେ କେବେ ଭରସା କରିବା ଉଚିତ୍ ନୁହେଁ; ଏବଂ ଯେ ଭରସାଯୋଗ୍ୟ, ତା’ପରେ ମଧ୍ୟ ଅତିଭରସା କରିବା ଉଚିତ୍ ନୁହେଁ। କାରଣ ଅତିଭରସାରୁ ଉତ୍ପନ୍ନ ଭୟ ମୂଳମାନଙ୍କୁ ମଧ୍ୟ କାଟି ଦିଏ।
कणिक उवाच