नलस्य बाहुकत्वेन ऋतुपर्णनगरप्रवेशः
Nala as Bāhuka enters Ṛtuparṇa’s city
मम भर्ता विशालाक्ष: पूर्णेन्दुवदनो5$रिहा । आहर्ता क्रतुमुख्यानां वेदवेदाड़पारग:,“वे निषधकुलके रक्षक, महातेजस्वी, महाबली, सत्यवादी, धर्मज्ञ, विद्वान, सत्यप्रतिज्ञ, शत्रुमर्दन, ब्राह्मणभक्त, देवोपासक, शोभा और सम्पत्तिसे युक्त तथा शत्रुओंकी राजधानीपर विजय पानेवाले हैं। मेरे स्वामी नृपश्रेष्ठ नल देवराज इन्द्रके समान तेजस्वी हैं। उनके नेत्र विशाल हैं, उनका मुख पूर्ण चन्द्रमाके समान सुन्दर है, वे शत्रुओंका संहार करनेवाले, बड़े- बड़े यज्ञोंके आयोजक और वेद-वेदांगोंके पारंगत विद्वान् हैं
bṛhadaśva uvāca | mama bhartā viśālākṣaḥ pūrṇenduvadano 'rihā | āhartā kratumukhyānāṃ vedavedāṅgapāragaḥ |
ဗြဟဒသွဝက ပြောသည်– «ကျွန်မ၏ခင်ပွန်းသည် မျက်လုံးကျယ်ဝန်း၍ မျက်နှာသည် လပြည့်ကဲ့သို့ လှပကာ ရန်သူတို့ကို ဖျက်ဆီးသူ ဖြစ်၏။ အထွတ်အမြတ် ယဇ်ပူဇော်ပွဲများကို ထောက်ပံ့ကျင်းပသူလည်း ဖြစ်ပြီး၊ ဝေဒနှင့် ၎င်း၏ အကူအညီပညာရပ်များ၏ ‘အဝေးကမ်း’ သို့ ရောက်ပြီးသား ပညာရှင် ဖြစ်၏»။
बृहृदश्च उवाच