उद्योगपर्व — अध्याय ५४: दुर्योधनस्य धृतराष्ट्रं प्रति बलप्रशंसन-युक्तः आश्वासनवादः
Duryodhana’s Reassurance and Force-Praise to Dhritarashtra
तत् ते वृकोदरमयं भयं व्येतु महाहवे । व्यपनेष्याम्यहं होनं मा राजन् विमना भव,अतः राजन! भीमसेनसे जो आपको भय हो रहा है, वह दूर हो जाना चाहिये। मैं महायुद्धमें उन्हें मार गिराऊँगा। इसलिये आप मनमें खेद न करें
tat te vṛkodaramayaṃ bhayaṃ vyetu mahāhave | vyapaneṣyāmy ahaṃ hūnaṃ mā rājan vimanā bhava ||
ဒုရ္ယောဓနက ပြောသည်– «အရှင်မင်းကြီး၊ မဟာစစ်ပွဲတွင် ဝೃကောဒရ (ဘီမ) ကြောင့် ဖြစ်လာသော သင်၏ ကြောက်ရွံ့မှုသည် ပျောက်ကွယ်ပါစေ။ ကျွန်ုပ်က အကုန်လုံး ဖယ်ရှားပေးမည်။ အရှင်မင်းကြီး စိတ်မညစ်ပါနှင့်»။
दुर्योधन उवाच