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Shloka 3

पराशरस्य राक्षससत्रनिवृत्तिः | Paraśara’s Rakṣasa-Satra and Its Cessation

अथाबभाषे कल्याणी वाचा मधुरया नृपम्‌ । त॑ कुरूणां कुलकरं कामाभिहतचेतसम्‌,कुरुवंशका विस्तार करनेवाले राजा संवरण कामाग्निसे पीड़ित हो अचेत हो गये थे। उस समय जैसे कोई हँसकर मधुर वचन बोलता हो, उसी प्रकार कल्याणी तपती मीठी वाणीमें उन नरेशसे बोली--“शत्रुदमन! उठिये, उठिये; आपका कल्याण हो। राजसिंह! आप इस भूतलके विख्यात सम्राट्‌ हैं। आपको इस प्रकार मोहके वशीभूत नहीं होना चाहिये।' तपतीने जब मधुर वाणीमें इस प्रकार कहा, तब राजा संवरणने आँखें खोलकर देखा। वही विशाल नितम्बोंवाली सुन्दरी सामने खड़ी थी। राजाके अन्तःकरणमें कामजनित आग जल रही थी। वे उस कजरारे नेत्रोंवाली सुन्दरीसे लड़खड़ाती वाणीमें बोले -- श्यामलोचने! तुम आ गयीं, अच्छा हुआ। यौवनके मदसे सुशोभित होनेवाली सुन्दरी! मैं कामसे पीड़ित तुम्हारा सेवक हूँ। तुम मुझे स्वीकार करो, अन्यथा मेरे प्राण मुझे छोड़कर चले जायँगे। विशालाक्षि! कमलके भीतरी भागकी-सी कान्तिवाली सुन्दरि! तुम्हारे लिये कामदेव मुझे अपने तीखे बाणोंद्वारा बार-बार घायल कर रहा है। यह (एक क्षणके लिये भी) शान्त नहीं होता। भद्रे! ऐसे समयमें जब मेरा कोई भी रक्षक नहीं है, मुझे कामरूपी महासर्पने डस लिया है

athābabhāṣe kalyāṇī vācā madhurayā nṛpam | taṃ kurūṇāṃ kulakaraṃ kāmābhihatacetasam ||

ထို့နောက် ကောင်းမြတ်သည့် တပတီသည် ချိုမြိန်သောအသံဖြင့် မင်းကို ပြော၏—ကူရုဝంశကို တည်ထောင်ပြန့်ပွားစေသူဖြစ်သော်လည်း ကာမ၏ ထိုးနှက်မှုကြောင့် စိတ်နှလုံး မူးမောသွားသော မင်းအား။ သူမ၏ နူးညံ့သောစကားသည် သတိပေးနှိုးဆော်ခြင်းဖြစ်၍၊ မြေပြင်ပေါ်တွင် နာမည်ကြီးသော မင်းတစ်ပါးသည် မောဟအောက်တွင် အကူအညီမဲ့ မလဲကျသင့်ကြောင်း ဆိုလိုသည်။

अथthen/thereupon
अथ:
TypeIndeclinable
Rootअथ
आबभाषेspoke
आबभाषे:
Karta
TypeVerb
Rootभाष्
FormLiT (Perfect), Parasmaipada, 3, singular
कल्याणीthe auspicious lady (Tapati)
कल्याणी:
Karta
TypeNoun
Rootकल्याणी
Formfeminine, nominative, singular
वाचाwith speech/voice
वाचा:
Karana
TypeNoun
Rootवाच्
Formfeminine, instrumental, singular
मधुरयाsweet
मधुरया:
Karana
TypeAdjective
Rootमधुर
Formfeminine, instrumental, singular
नृपम्the king
नृपम्:
Karma
TypeNoun
Rootनृप
Formmasculine, accusative, singular

गन्धर्व उवाच

G
Gandharva (speaker label)
K
King Saṃvaraṇa (nṛpa; Kuru lineage progenitor)
K
Kuru lineage (Kurūṇām)
K
Kāma (desire, personified as passion)