और्वकृत-क्रोधाग्नि-निग्रहः
Aurva’s Containment of the Wrath-Fire
चरतो मृगयां तस्य क्षुत्पिपासासमन्वित: । ममार राज्ञ: कौन्तेय गिरावप्रतिमो हय:,कुन्तीपुत्र! शिकार खेलते समय ही राजाका अनुपम अश्व पर्वतपर भूख-प्याससे पीड़ित हो मर गया। पार्थ! घोड़ेकी मृत्यु हो जानेसे राजा संवरण पैदल ही उस पर्वत- शिखरपर विचरने लगे। घूमते-घूमते उन्होंने एक विशाललोचना कन्या देखी, जिसकी समता करनेवाली स्त्री कहीं नहीं थी
carato mṛgayāṁ tasya kṣutpipāsāsamanvitaḥ | mamāra rājñaḥ kaunteya girāv apratimo hayaḥ ||
အို ကုန္တီ၏သား၊ မင်းကြီးသည် အမဲလိုက်လှည့်လည်နေစဉ် တောင်ပေါ်တွင် အစာငတ်ရေငတ်ဒဏ်ကြောင့် မင်း၏ မနှိုင်းယှဉ်နိုင်သော မြင်းသည် သေဆုံးသွား၏။
गन्धर्व उवाच