नारद–शुक संवादः
Impermanence, Svabhāva, and Śuka’s Resolve for Yoga
कस्तपा अतपाः प्रोक्त: को5सौ पुरुष उच्यते । तपास्तु प्रकृति प्राहुरतपा निष्कल: स्मृत:,क, तपा और अतपाके विषयमें जो प्रश्न उपस्थित किया गया है, उसके विषयमें बताया जाता है। पुरुषको ही “क' कहते हैं। प्रकृतिका ही नाम तपा है और निष्कल पुरुषको अतपा नाम दिया गया है
“Tentang pertanyaan mengenai ‘ka’, ‘tapā’ dan ‘atapā’: Puruṣa itulah yang disebut ‘ka’. Prakṛti bernama ‘tapā’; dan Puruṣa yang tidak berbahagian diingati sebagai ‘atapā’.”
याज़्ञवल्क्य उवाच