Duryodhana’s Śaraṇāgati and the Pāṇḍavas’ Resolve
Gandharva Encounter
व्यापृतस्तु श्मशाने यो नित्यं रुद्रस्य वै सखा । पिड़लो नाम यक्षेन्द्रो लोकस्यानन्ददायक:,भगवान् रुद्रका सखा यक्षराज पिंगलदेव जो सदा श्मशानमें ही (उसकी रक्षाके लिये) निवास करता और सम्पूर्ण जगत्को आनन्द देनेवाला था, उस यात्रामें भगवान् शिवके साथ था
रुद्राचा नित्य सखा, स्मशानात सदैव (रक्षणार्थ) वास करणारा, ‘पिंगल’ नावाचा यक्षराज—जो लोकांना आनंद देणारा होता—त्या यात्रेत भगवान् शिवासोबत होता.
मार्कण्डेय उवाच