Guṇa-vibhāga and Prāṇa–Agni–Yoga Upadeśa (गुणविभाग तथा प्राण-अग्नि-योगोपदेश)
ईदृशो न हि राजेन्द्र धर्म: क्वचन दृश्यते । प्रजानां पालने यो वै पुरा राजर्षिभि: कृत:,राजेन्द्र! पूर्वकालके राजर्षियोंने जिस धर्मका पालन किया है, वह प्रजाजनोंके पालनमें ही सुलभ है। ऐसा धर्म और किसी कार्यमें नहीं दिखायी देता
īdṛśo na hi rājendra dharmaḥ kvacana dṛśyate | prajānāṃ pālane yo vai purā rājarṣibhiḥ kṛtaḥ |
राजेंद्र! असा धर्म दुसरीकडे कुठेही दिसत नाही. पूर्वी राजर्षींनी जो धर्म आचरला/स्थापिला, तो प्रजांचे पालन व संरक्षण यातच सर्वाधिक स्पष्ट दिसतो.
उत्तड़क उवाच