Kubera’s Fivefold Nīti and Protection of the Pāṇḍavas (वैश्रवणोपदेशः)
दृश्यन्ते शैलशड्रेषु पार्थ किम्पुरुषै: सह । 'ये नाना प्रकारकी परम कान्तिमान् धातु समूचे शैलकी शोभा बढाती हैं। पार्थ! जिस प्रकार वृषपर्वाने कहा था उसी प्रकार इन पर्वतीय शिखरोंपर अपनी प्रेयसी अप्सराओं तथा किम्पुरुषोंके साथ गन्धर्व दृष्टिगोचर होते हैं
पार्था! पर्वतशिखरांवर किम्पुरुषांसह गंधर्वही दिसतात; आणि नानाविध अत्यंत कांतिमान धातू संपूर्ण पर्वताची शोभा वाढवितात—वृषपर्वाने जसे सांगितले होते तसेच।
वैशम्पायन उवाच