Yogakṣema, Purohita, and the Mucukunda–Vaiśravaṇa Dialogue (योगक्षेम–पुरोहित–मुचुकुन्दवैश्रवणसंवादः)
भीष्म उवाच ततो वैश्रवणो राजा विस्मयं परमं ययौ । क्षत्रधर्मे स्थितं दृष्टवा मुचुकुन्दमसम्भ्रमम्,भीष्मजी कहते हैं--युधिष्ठिर! राजा मुचुकुन्दको बिना किसी घबराहटके इस प्रकार क्षत्रियधर्ममें स्थित हुआ देख कुबेरको बड़ा विस्मय हुआ
bhīṣma uvāca | tato vaiśravaṇo rājā vismayaṃ paramaṃ yayau | kṣatradharme sthitaṃ dṛṣṭvā mucukundam asambhramam ||
भीष्म म्हणाले—तेव्हा राजा वैश्रवण (कुबेर) परम विस्मयाने भरून गेला; कारण मुचुकुंद क्षत्रधर्मात स्थिर, न डगमगता, न घाबरता दिसला.
भीष्म उवाच