Gautama’s Flight, the Enchanted Grove, and the Arrival of Rājadharma
Nāḍījaṅgha
भीष्म उवाच चातुर्वर्ण्यस्य धर्माणां संकरो न प्रशस्यस्ते । अविकारितमं सत्यं सर्ववर्णेषु भारत,भीष्मजीने कहा--भरतनन्दन! ब्राह्मण आदि चारों वर्णोंके जो धर्म हैं, उनका परस्पर सम्मिश्रण अच्छा नहीं माना जाता है। निर्विकार सत्य सभी वर्णोमें प्रतिष्ठित है
भीष्म म्हणाले—भरतनंदना! चार वर्णांच्या धर्मांचा परस्पर संकर प्रशंसनीय नाही; परंतु निर्विकार सत्य सर्व वर्णांत प्रतिष्ठित आहे.
भीष्म उवाच