आपद्-राजनीतिः (Āpad-rājanīti) — Policy Options in Multi-Front Crisis
सत्यमेतन्न संदेहो यदेतदू व्याह्ृतं त्वया । राजा बोले--भगवन्! मैं आपको प्रसन्न करना चाहता हूँ। मुझे अपने पुत्रसे मिलनेकी बड़ी इच्छा है। द्विजश्रेष्ठू आपने मुझसे इस समय जो कुछ कहा है, आपका यह सारा कथन सत्य है, इसमें संदेह नहीं ।। ततः प्रहस्य भगवांस्तनुर्थर्म भूतां वर:
तू जे काही सांगितलेस ते खरे आहे; यात संशय नाही. तेव्हा धर्मस्वरूप श्रेष्ठ भगवान् (मुनी) हसले.
कृश उवाच