गदायुद्धप्रतिज्ञा — The Vow and Terms of the Mace Duel
हिरण्यकशिपुश्चैव क्रिययैव निषूदितौ । वृत्रश्न निहतो राजन् क्रिययैव न संशय:,क्रियात्मक प्रयत्नके द्वारा ही भगवानने हिरण्यकशिपु-को भी मारा था। राजन! वृत्रासुरका वध भी क्रियात्मक उपायसे ही हुआ था, इसमें संशय नहीं है
hiraṇyakaśipuś caiva kriyayaiva niṣūditau | vṛtraś ca nihato rājan kriyayaiva na saṁśayaḥ ||
हिरण्यकशिपूही केवळ क्रियात्मक प्रयत्नानेच मारला गेला. राजन्, वृत्रासुराचाही वध कर्मोपायानेच झाला—यात संशय नाही.
वायुदेव उवाच