द्वैपायनह्रदे दुर्योधनान्वेषणम् / The Search for Duryodhana at Dvaipāyana Lake
अभ्यघ्नंस्तावकान् युद्धे मुहूर्तादिव भारत । ततो नि:शेषमभवत् तत् सैन्यं तव भारत,भारत! पाण्डव-सेनासे बहुत-से सैनिकोंने निकलकर युद्धमें एक ही मुहूर्तके भीतर आपके सम्पूर्ण योद्धाओंका संहार कर डाला। भरतनन्दन! उस समय आपकी वह सेना सर्वथा नष्ट हो गयी। उसमेंसे एक भी योद्धा बच न सका
abhyaghnan stāvakān yuddhe muhūrtādiva bhārata | tato niḥśeṣam abhavat tat sainyaṃ tava bhārata ||
संजय म्हणाला—हे भारत! पांडवांनी युद्धात तुझ्या लोकांना जणू एका मुहूर्तातच ठार केले। मग, हे भारत, तुझे ते सैन्य नि:शेष झाले—पूर्णतः नष्ट; एकही योद्धा उरला नाही।
संजय उवाच