Vaiśravaṇa-sabhā-varṇanam
Description of Kubera’s Assembly Hall
तपसा निर्जिता राजन् स्वयं वैश्रवणेन सा । शशिप्रभा प्रावरणा कैलासशिखरोपमा,युधिष्ठिर! विश्रवाके पुत्र कुबेरने स्वयं ही तपस्या करके उस सभाको प्राप्त किया है। वह अपनी धवल कान्तिसे चन्द्रमाकी चाँदनीको भी तिरस्कृत कर देती है और देखनेमें कैलासशिखर-सी जान पड़ती है
राजन्! ती सभा वैश्रवणांनी स्वतः तपस्येने जिंकून मिळविली आहे. तिची धवल कांति चंद्रप्रभेलाही फिकी पाडते आणि ती कैलासशिखरासारखी भासते.
नारद उवाच