कर्णपर्व — अध्याय ५९
Arjuna Breaks the Encirclement; Bhīma Reinforces
भीमसेनेन कौन्तेय पज्चालैश्न महात्मभि: । “भारत! उनके साथ सूंजयोंकी सेना और सात्यकि भी हैं। कुन्तीकुमार! भीमसेन तथा महामनस्वी पांचाल वीर समरांगणमें अपने तीखे बाणोंद्वारा इन कौरवोंका वध कर रहे हैं
sañjaya uvāca |
bhīmasenena kaunteya pāñcālaiś ca mahātmabhiḥ |
संजय म्हणाला—हे कौन्तेय! भीमसेन महात्मा पांचाल वीरांसह रणांगणात आपल्या तीक्ष्ण बाणांनी कौरवांचा संहार करीत होता।
संजय उवाच