भीमसेन-दुर्योधन-समागमः
Bhīmasena–Duryodhana Engagement at Sunset
रथसड्घा नरव्याप्रा: समायान्तश्न संयुगे । विरेजु: समरे राजन् ग्रहा इव नभस्तले,राजन! रथोंके समूह और नरश्रेष्ठ नरेशगण युद्धमें आते हुए उसी प्रकार शोभा पा रहे थे, जैसे आकाशमें ग्रह-नक्षत्र सुशोभित होते हैं
rathasaṅghā naravyāprāḥ samāyāntaś ca saṃyuge | virejuḥ samare rājan grahā iva nabhastale ||
राजन्! युद्धात येणारे रथांचे समूह आणि नरश्रेष्ठ नरेश समरात असे शोभत होते, जसे आकाशात ग्रह-नक्षत्रे शोभतात।
संजय उवाच