Rajo-dhūli-saṃmūḍha-saṅgrāmaḥ
The Dust-Obscured Battle and Mutual Charges
मध्यंदिने यथा5<दित्यं तपन्तमिव तेजसा । न शेकुः पाण्डवेयस्य योधा भीष्म निरीक्षितुम्,उस समय भीष्म रणभूमिमें धूमरहित अग्निके समान खड़े थे। जैसे दुपहरीमें अपने तेजसे तपते हुए सूर्यकी ओर देखना कठिन है, उसी प्रकार पाण्डव-सेनाके सैनिक भीष्मकी ओर दृष्टिपात करनेमें भी असमर्थ हो गये
sañjaya uvāca | madhyaṃdine yathādityaṃ tapantam iva tejasā | na śekuḥ pāṇḍaveyasya yodhā bhīṣmam nirīkṣitum ||
संजय म्हणाला—जसा दुपारी तेजाने तपणारा सूर्य पाहणे कठीण, तसा पांडवांचा योद्धा भीष्मांकडे पाहूही शकला नाही.
संजय उवाच