पाण्डवा वासुदेवश्व विदिता मम सर्वश:,पाण्डवों तथा भगवान् वासुदेवको मैं सब प्रकारसे जानता हूँ, वे दूसरे पुरुषोंके लिये सर्वथा अजेय हैं, तथापि मैं उनसे युद्ध करनेका उत्साह रखता हूँ और मेरे मनका यह निश्चित विश्वास है कि मैं युद्धमें पाण्डवोंको जीत लूँगा
पांडव तसेच भगवान वासुदेव मला सर्व प्रकारे ज्ञात आहेत.
कर्ण उवाच