Adhyāya 112: Bhīṣma-prati Arjunasya Pravṛttiḥ
Arjuna’s Forward Drive Toward Bhīṣma
हत्वा दश सहस्राणि कुठ्जराणां तरस्विनाम् | सारोहाणां महाराज हयानां चायुतं तथा,महाराज! सवारोंसहित दस हजार वेगशाली हाथियों, उतने ही घोड़ों और घुड़सवारों तथा दो लाख पैदल सैनिकोंको नरश्रेष्ठ भीष्मने रणभूमिमें धूमरहित अग्निकी भाँति फूँक डाला
sañjaya uvāca | hatvā daśa sahasrāṇi kuñjarāṇāṃ tarasvinām | sārohāṇāṃ mahārāja hayānāṃ cāyutaṃ tathā ||
महाराज! भीष्माने सवारांसह दहा हजार वेगवान हत्ती मारले आणि त्याचप्रमाणे दहा हजार घोडेही।
संजय उवाच