Adhyāya 112: Bhīṣma-prati Arjunasya Pravṛttiḥ
Arjuna’s Forward Drive Toward Bhīṣma
दशमे5हनि भीष्मस्तु दर्शयठ्शक्तिमात्मन: । राजज्छतसहस्राणि सो5वधीत् कुरुनन्दन,किंतु राजन्! कुरुनन्दन! दसवें दिन भीष्मने अपनी शक्तिका परिचय देते हुए लाखों पाण्डव-सैनिकोंका संहार कर डाला
daśame 'hani bhīṣmas tu darśayac chaktim ātmanaḥ | rājaśata-sahasrāṇi so 'vadhīt kurunandana ||
दहाव्या दिवशी भीष्माने आपला पराक्रम प्रकट केला; आणि हे कुरुनंदन, त्याने राजांचे (योद्ध्यांचे) शतसहस्र संहारले।
संजय उवाच