Śakuntalā-Janma-Nāmakaraṇa (Birth and Naming of Śakuntalā) | शकुन्तला-जन्म-नामकरणम्
त्वाष्टी तु सवितुर्भार्या वडवारूपधारिणी । असूयत महाभागा सान्तरिक्षे5श्विनावुभौ,त्वष्टाकी पुत्री संज्ञा भगवान् सूर्यकी धर्मपत्नी हैं। वे परम सौभाग्यवती हैं। उन्होंने अश्विनी (घोड़ी).का रूप धारण करके अन्तरिक्षमें दोनों अश्विनीकुमारोंको जन्म दिया। राजन्! अदितिके इन्द्र आदि बारह पुत्र ही हैं। उनमें भगवान् विष्णु सबसे छोटे हैं, जिनमें ये सम्पूर्ण लोक प्रतिष्ठित हैं
tvāṣṭī tu savitur bhāryā vaḍavā-rūpa-dhāriṇī | asūyata mahābhāgā sāntarikṣe'śvināv ubhau ||
वैशंपायन म्हणाले—त्वष्ट्याची कन्या संज्ञा, सविता (सूर्य) यांची धर्मपत्नी, परम भाग्यवती होऊन वडवा (घोडी) रूप धारण करून अंतरिक्षात दोन्ही अश्विनीकुमारांना जन्म देऊ लागली.
वैशम्पायन उवाच