Arjuna Restores a Brāhmaṇa’s Cattle and Accepts Forest Exile
Satya-vrata at Khaṇḍavaprastha
तत्र गत्वा स धर्मज्ञ: सर्वशास्त्रविशारद: | द्रुपदं न््यायतो राजन् संयुक्तमुपतस्थिवान्,राजन! वहाँ पहुँचकर सम्पूर्ण शास्त्रोंके विद्वान् एवं धर्मज्ञ विदुर न्यायके अनुसार बड़े- छोटेके क्रमसे ट्रपद और अन्य लोगोंके साथ हृदयसे लगकर नमस्कार आदिदपूर्वक मिले
राजन्! तेथे पोहोचून धर्मज्ञ व सर्वशास्त्रविशारद विदुराने न्यायानुसार विधिपूर्वक द्रुपदाजवळ जाऊन (योग्य क्रमाने) सर्वांशी भेट घेऊन सत्कार केला.
वैशम्पायन उवाच