बक-राक्षसस्य आह्वानम् तथा वृक्षयुद्धम्
Summons of Baka and the Tree-Weapon Engagement
धर्मादिन्द्राच्च वाताच्च सुषुवे या सुतानिमान् | सेयं भूमौ परिश्रान्ता शेते प्रासादशायिनी,“जिन्होंने धर्म, इन्द्र और वायुके द्वारा हम-जैसे पुत्रोंको उत्पन्न किया है, वे राजमहलमें सोनेवाली महारानी कुन्ती आज परिश्रमसे थककर यहाँ पृथ्वीपर पड़ी हैं
धर्म, इंद्र आणि वायू यांच्यापासून जिने हे पुत्र प्रसवले, तीच राजप्रासादात शयन करणारी राणी आज परिश्रमाने थकून भूमीवर पडली आहे।
वैशम्पायन उवाच