जतुगृहदाहः — The Burning of the Lac House and the Pāṇḍavas’ Concealed Escape
ततो विदित्वा पार्थस्त्वां प्रतियोत्स्यति वा न वा । वृथाकुलसमाचारैर्न युध्यन्ते नृपात्मजा:,“इसे जान लेनेके बाद यह निश्चय होगा कि अर्जुन तुम्हारे साथ युद्ध करेंगे या नहीं; क्योंकि राजकुमार नीच कुल और हीन आचार-विचारवाले लोगोंके साथ युद्ध नहीं करते”
हे कळल्यावरच पार्थ (अर्जुन) तुझ्याशी युद्ध करील की नाही हे ठरेल; कारण राजपुत्र नीच कुल व हीन आचार असणाऱ्यांशी युद्ध करीत नाहीत.
वैशम्पायन उवाच