अम्बायाः तपोदीक्षा–रुद्रवर–आत्मदाहः
Amba’s Ascetic Vow, Rudra’s Boon, and Self-Immolation
भायोवाच न तन्मिथ्या महाराज भविष्यति कथंचन । त्रैलोेक्यकर्ता कस्माद्धि वृथा वक्तुमिहाहति,रानीने कहा--महाराज! भगवान् शिवका दिया हुआ वर किसी तरह मिथ्या नहीं होगा। भला, तीनों लोकोंकी सृष्टि करनेवाले भगवान् झूठी बात कैसे कह सकते हैं? राजन! यदि आपको अच्छा लगे तो कहूँ। मेरी बात सुनिये। पृषतनन्दन! इसे सुनकर अपनी बुद्धिके अनुसार ग्रहण करें
dṛpada uvāca | na tan mithyā mahārāja bhaviṣyati kathaṃcana | trailokyakartā kasmād dhi vṛthā vaktum ihārhati | rājan yadi te rocate brūyāṃ mama vākyaṃ niśāmaya | pṛṣatanandana etac chrutvā yathābuddhi gṛhāṇa ||
രാജ്ഞി പറഞ്ഞു—മഹാരാജാ! അത് ഒരുവിധത്തിലും മിഥ്യയാകുകയില്ല. ത്രൈലോക്യകർത്താവായ ഭഗവാൻ (ശിവൻ) ഇവിടെ വ്യർത്ഥമായോ അസത്യമായോ എങ്ങനെ പറയുമെന്നു?
दुपद उवाच