कुरुक्षेत्रे सेनानिवेशवृत्तान्तः — Dhṛtarāṣṭra Questions Saṃjaya on the Deployed Armies
किमब्रवीन्महाबाहु: सर्वशस्त्रभूतां वर: । भीमसेनार्जुनौ वापि कृष्णो वा प्रत्यभाषत,जनमेजयने पूछा--भगवन्! भरतवंशियोंके पितामह गंगानन्दन महात्मा भीष्म सम्पूर्ण शस्त्रधारियोंमें श्रेष्ठ थे। समस्त राजाओंमें ध्वजके समान उनका बहुत ऊँचा स्थान था। वे बुद्धिमें बृहस्पति, क्षमामें पृथ्वी, गम्भीरतामें समुद्र, स्थिरतामें हिमवान्, उदारतामें प्रजापति और तेजमें भगवान् सूर्यके समान थे। वे अपने बाणोंकी वर्षद्वारा देवराज इन्द्रके समान शत्रुओंका विध्वंस करनेवाले थे। उस समय जो अत्यन्त भयंकर तथा रोमांचकारी रणयज्ञ आरम्भ हुआ था, उसमें उन्होंने जब दीर्घकालके लिये दीक्षा ले ली, तब इस समाचारको सुननेके पश्चात् सम्पूर्ण शस्त्रधारियोंमें श्रेष्ठ महाबाहु युधिष्ठिरने क्या कहा? भीमसेन तथा अर्जुनने भी उसके बारेमें क्या कहा? अथवा भगवान् श्रीकृष्णने अपना मत किस प्रकार व्यक्त किया?
janamejaya uvāca | kim abravīn mahābāhuḥ sarvaśastrabhūtāṁ varaḥ | bhīmasenārjunau vāpi kṛṣṇo vā pratyabhāṣata ||
മഹാബാഹുവും സകല ആയുധധാരികളിലും ശ്രേഷ്ഠനുമായ യുധിഷ്ഠിരൻ എന്തു പറഞ്ഞു? ഭീമസേനനും അർജുനനും എന്തു പറഞ്ഞു? അല്ലെങ്കിൽ ശ്രീകൃഷ്ണൻ എന്തു മറുപടി പറഞ്ഞു?
जनमेजय उवाच