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Shloka 16

मृत्यु-काल-प्रबोधनम् (Instruction on Mortality, Time, and Truth) — Mahābhārata, Śānti-parva 169

कृतघ्नश्लाधमो लोके न संधेय: कदाचन । छिद्रान्वेषी हसंधेय: संधेयानपि मे शूणु,जो लोभी, क्रूर, धर्मत्यागी, कपटी, शठ, क्षुद्र, पापाचारी, सबपर संदेह करनेवाला, आलसी, दीर्घसूत्री, कुटिल, निन्दित, गुरुपत्नीगामी, संकटके समय साथ छोड़कर चल देनेवाला, दुरात्मा, निर्लज्ज, सब ओर पापपूर्ण दृष्टि डालनेवाला, नास्तिक, वेदोंकी निनन्‍्दा करनेवाला, इन्द्रियोंको खुला छोड़कर जगत्‌में इच्छानुसार विचरनेवाला, झूठा, सबके द्वेषका पात्र, अपनी प्रतिज्ञापर स्थिर न रहनेवाला, चुगलखोर, अपवित्र बुद्धिवाला, ईर्ष्यालु, पापपूर्ण विचार रखनेवाला, दुष्ट स्वभाववाला, मनको वशमें न रखनेवाला, नृशंस, धूर्त, मित्रोंकी बुराई करनेवाला, सदा दूसरोंका धन लेनेकी इच्छा रखनेवाला, यथाशक्ति देनेवालेपर भी संतुष्ट न रहनेवाला, मन्दबुद्धि, मित्रको भी सदा धैर्यसे विचलित करनेवाला, असावधान, बेमौके क्रोध करनेवाला, अकस्मात्‌ विरोधी होकर कल्याणकारी सुहृदोंको भी शीघ्र ही त्याग देनेवाला, अनजानमें थोड़ा-सा भी अपराध बन जानेपर मित्रका अनिष्ट करनेवाला, पापी, अपना काम बनानेके लिये ही मित्रोंस मेल रखनेवाला, वास्तवमें मित्रद्वेषी, मुखसे मित्रताकी बातें करके भीतरसे शत्रुभाव रखनेवाला, कुटिल दृष्टिसे देखनेवाला, विपरीतदर्शी, भलाईसे कभी पीछे न हटनेवाले मित्रको भी त्याग देनेवाला, शराबी, द्वेषी, क्रोधी, निर्दयी, क्रूर, दूसरोंको सतानेवाला, मित्रद्रोही, प्राणियोंकी हिंसामें तत्पर रहनेवाला, कृतघ्न तथा नीच हो, संसारमें ऐसे मनुष्यके साथ कभी संधि नहीं करनी चाहिये। जो दूसरोंका छिद्र खोजता हो, वह भी संधि करनेके योग्य नहीं है। अब संधि करनेके योग्य पुरुषोंको बता रहा हूँ, सुनो

bhīṣma uvāca | kṛtaghnaślādhamaḥ loke na sandheyaḥ kadācana | chidra-anveṣī ca asandheyaḥ | sandheyān api me śṛṇu ||

ഭീഷ്മൻ പറഞ്ഞു— ഈ ലോകത്തിൽ കൃതഘ്നനും അത്യന്തം നീചസ്വഭാവനും ആയ മനുഷ്യനുമായി ഒരിക്കലും സന്ധി ചെയ്യരുത്. എപ്പോഴും മറ്റുള്ളവരുടെ ദോഷ-ചിദ്രങ്ങൾ തേടുന്നവനും സന്ധിക്ക് അയോഗ്യൻ തന്നെയാണ്. ഇനി സന്ധിക്ക് യോഗ്യരായ പുരുഷന്മാരെക്കുറിച്ച് എന്നിൽ നിന്ന് കേൾക്കുക.

कृतघ्नश्लाधमःthe base (vile) ingrate
कृतघ्नश्लाधमः:
Karta
TypeAdjective
Rootकृतघ्न-श्लाधम
FormMasculine, Nominative, Singular
लोकेin the world
लोके:
Adhikarana
TypeNoun
Rootलोक
FormMasculine, Locative, Singular
not
:
TypeIndeclinable
Root
संधेयःfit to be allied with / to be made a pact with
संधेयः:
Karta
TypeAdjective
Rootसंधेय
FormMasculine, Nominative, Singular
कदाचनever, at any time
कदाचन:
TypeIndeclinable
Rootकदाचन
छिद्रान्वेषीone who searches for faults
छिद्रान्वेषी:
Karta
TypeAdjective
Rootछिद्र-अन्वेषिन्
FormMasculine, Nominative, Singular
अपिalso, even
अपि:
TypeIndeclinable
Rootअपि
असंधेयःnot fit for alliance
असंधेयः:
Karta
TypeAdjective
Rootअ-संधेय
FormMasculine, Nominative, Singular
संधेयान्those fit for alliance
संधेयान्:
Karma
TypeAdjective
Rootसंधेय
FormMasculine, Accusative, Plural
अपिalso, even
अपि:
TypeIndeclinable
Rootअपि
मेof me / my
मे:
TypePronoun
Rootअस्मद्
FormGenitive, Singular
शृणुhear (listen)
शृणु:
TypeVerb
Rootश्रु
FormImperative, Second, Singular, Parasmaipada

भीष्म उवाच

B
Bhishma