गदायुद्ध-समारम्भः
Commencement of the Mace-Duel Proceedings
नारदजीने कहा--रोहिणीनन्दन! भीष्मजी तो पहले ही मारे गये। फिर सिंधुराज जयद्रथ, द्रोण, वैकर्तन कर्ण तथा उसके महारथी पुत्र भी मारे गये हैं। भूरिश्रवा तथा पराक्रमी मद्रराज शल्य भी मार डाले गये ।। एते चान्ये च बहवस्तत्र तत्र महाबला: । प्रियान् प्राणान् परित्यज्य जयार्थ कौरवस्य वै
ete cānye ca bahavas tatra tatra mahābalāḥ | priyān prāṇān parityajya jayārthaṁ kauravasya vai ||
ഇതുപോലെ തന്നെ അനേകം മഹാബലന്മാർ അവിടവിടെ, കൗരവന്റെ ജയാർത്ഥം, തങ്ങളുടെ പ്രിയപ്രാണങ്ങളെ ഉപേക്ഷിച്ചു.
नारद उवाच