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Shloka 116

अभिमन्यु–अलम्बुसयुद्धम् / The Duel of Abhimanyu and Alambusa

with Arjuna’s approach to Bhīṣma

नदन्तो भैरवान्‌ नादांस्त्रासयन्तश्न भूमिपान्‌ | 'ये महाधनुर्धर पाण्डव महारथी कुपित हो भीमसेनको आगे करके दुर्योधनपर धावा कर रहे हैं और विजयका दृढ़ संकल्प ले नाना प्रकारके अस्त्र-शस्त्रोंकी वर्षा करते हुए भैरव गर्जना करते तथा भूमिपालोंको त्रास पहुँचाते हैं!

ആ മഹാധനുര്ധര പാണ്ഡവ മഹാരഥന്മാർ കോപത്തോടെ ഭീമസേനനെ മുന്നിൽ നിർത്തി ദുര്യോധനനിലേക്കു പാഞ്ഞുകയറി. വിജയത്തിന്റെ ദൃഢനിശ്ചയത്തോടെ അവർ നാനാവിധ അസ്ത്രശസ്ത്രവൃഷ്ടി ചൊരിഞ്ഞു, ഭയങ്കര ഗർജ്ജനം മുഴക്കി, ഭൂപാലന്മാരെ ത്രസിപ്പിച്ചു.

नदन्तःroaring, bellowing
नदन्तः:
Karta
TypeVerb
Rootनद् (धातु)
Formशतृ (वर्तमान कृदन्त), पुं, प्रथमा, बहुवचन
भैरवान्terrifying
भैरवान्:
Karma
TypeAdjective
Rootभैरव (प्रातिपदिक)
Formपुं, द्वितीया, बहुवचन
नादान्sounds, roars
नादान्:
Karma
TypeNoun
Rootनाद (प्रातिपदिक)
Formपुं, द्वितीया, बहुवचन
त्रासयन्तःfrightening, causing terror
त्रासयन्तः:
Karta
TypeVerb
Rootत्रस् (धातु) / त्रासय् (णिजन्त)
Formशतृ (वर्तमान कृदन्त), कर्तरि, पुं, प्रथमा, बहुवचन
and
:
TypeIndeclinable
Rootच (अव्यय)
भूमिपान्kings, rulers of the earth
भूमिपान्:
Karma
TypeNoun
Rootभूमिप (प्रातिपदिक)
Formपुं, द्वितीया, बहुवचन

संजय उवाच